Vaibhav Suryavanshi Vijay Hazare Trophy: भारतीय क्रिकेट में अक्सर नए सितारे उभरते रहते हैं, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के पहले ही दिन जो देखने को मिला, उसने सभी को हैरान कर दिया। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इस प्रतिष्ठित घरेलू वनडे टूर्नामेंट में 36 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। इतनी कम उम्र में ऐसा आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय क्रिकेट में बेहद दुर्लभ मानी जाती है।
यह पारी सिर्फ एक मैच जिताने वाली पारी नहीं थी, बल्कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को मिलने वाले एक बड़े सुपरस्टार की झलक भी थी।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 की शुरुआत
24 दिसंबर 2025 से विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 की शुरुआत हुई। ग्रुप स्टेज के पहले मुकाबले में बिहार और अरुणाचल प्रदेश की टीमें आमने-सामने थीं। इसी मैच में वैभव सूर्यवंशी ने वह कर दिखाया, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है।
विजय हजारे ट्रॉफी भारत का सबसे बड़ा घरेलू वनडे टूर्नामेंट है, जहां शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सीधे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में आने का मौका मिलता है।

कौन हैं वैभव सूर्यवंशी?
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक माने जा रहे हैं। महज 14 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह की तकनीक, ताकत और मैच की समझ दिखाई, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों को भी चौंका दिया।
कम उम्र से ही वैभव घरेलू और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर यह उनकी पहली बड़ी पहचान बनी।
36 गेंदों में शतक: मैच का टर्निंग पॉइंट
मैच में बल्लेबाजी करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने न सिर्फ तेज गेंदबाजों को निशाना बनाया, बल्कि स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भी बेहतरीन फुटवर्क दिखाया।
उनकी पारी की खास बातें:
- पावरप्ले में लगातार बाउंड्री
- फील्ड के हर कोने में शॉट्स
- दबाव में भी शांत और संयमित बल्लेबाजी
जैसे ही उन्होंने अपना शतक पूरा किया, स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 36 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।

विजय हजारे ट्रॉफी में इस पारी का महत्व
विजय हजारे ट्रॉफी से ही कई भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। ऐसे में इतनी कम उम्र में इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड बनाना वैभव सूर्यवंशी के करियर के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह पारी आने वाले वर्षों में वैभव के लिए कई बड़े दरवाजे खोल सकती है।
सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
वैभव सूर्यवंशी के शतक के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनका नाम ट्रेंड करने लगा।
- फैंस ने उन्हें “भारत का भविष्य” बताया
- कई एक्सपर्ट्स ने उनकी तुलना अंडर-19 स्तर के दिग्गज बल्लेबाजों से की
- पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी बल्लेबाजी तकनीक की जमकर तारीफ की
क्रिकेट एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत है उनकी मैच सिचुएशन को पढ़ने की क्षमता। इतनी कम उम्र में वह जानते हैं कि कब आक्रामक खेलना है और कब संयम रखना है।
एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि अगर वैभव को सही कोचिंग, फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक मार्गदर्शन मिलता रहा, तो वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा नाम बन सकते हैं।
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आगे क्या? वैभव सूर्यवंशी का भविष्य
इस ऐतिहासिक पारी के बाद अब सभी की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अगले मैचों पर होंगी। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन तय करेगा कि आगे उन्हें कौन-कौन से मौके मिलते हैं।
संभावित अगले कदम:
- अंडर-19 भारतीय टीम में अहम भूमिका
- IPL फ्रेंचाइजियों की नजर
- राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की दिलचस्पी
14 साल की उम्र में विजय हजारे ट्रॉफी में 36 गेंदों में शतक लगाना सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की कहानी है। वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
अगर वह इसी तरह मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब उनका नाम भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल होगा।
