US Russian oil tanker seizure की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। BBC News के अनुसार, अमेरिका ने पुष्टि की है कि उसने कैरिबियन सागर में दूसरी बार एक टैंकर को जब्त किया है, इससे पहले नॉर्थ अटलांटिक में एक रूसी-झंडे वाले जहाज़ को रोका गया था। इन जहाज़ों को तथाकथित “घोस्ट फ्लीट” का हिस्सा बताया जा रहा है, जिन पर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार कर वेनेज़ुएला और ईरान से जुड़े तेल परिवहन का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के अनुसार, US Coast Guard ने लगातार दो कार्रवाइयों में दो अलग-अलग टैंकरों की बोर्डिंग की। इनमें से एक जहाज़ नॉर्थ अटलांटिक में पकड़ा गया, जो इस समय आइसलैंड से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण में मौजूद था। इस टैंकर की गतिविधियों पर पहले से अमेरिकी एजेंसियां नज़र रखे हुए थीं।
‘घोस्ट फ्लीट’ क्या होती है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, “घोस्ट फ्लीट” उन जहाज़ों को कहा जाता है जो
- ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखते हैं
- बार-बार नाम और झंडा बदलते हैं
- प्रतिबंधित देशों का तेल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाते हैं
अमेरिका का दावा है कि ये जहाज़ अंतरराष्ट्रीय नियमों और अमेरिकी प्रतिबंधों का खुला उल्लंघन करते हैं।

Marinera टैंकर पर आरोप
BBC Verify के अनुसार, जिस रूसी-झंडे वाले टैंकर पर कार्रवाई हुई उसका नाम Marinera बताया जा रहा है।
- जहाज़ पर ईरानी तेल की अवैध ढुलाई का आरोप है
- ऐतिहासिक रूप से यह वेनेज़ुएला का कच्चा तेल ले जा चुका है
- रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल जहाज़ खाली (empty) था
हाल ही में इस टैंकर ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया था, जिससे अमेरिकी एजेंसियों को संदेह और गहरा गया।
सैन्य गतिविधियाँ और निगरानी
टैंकर के आसपास कई अमेरिकी सैन्य विमान देखे गए थे।
रूसी मीडिया द्वारा जारी फुटेज में एक अमेरिकी जहाज़ को भी Marinera के क़रीब दिखाया गया।
BBC Verify इस पूरे सफर को ट्रैक कर रहा है, जिससे साफ़ होता है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित थी।
रूस की भूमिका और प्रतिक्रिया
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि
- रूस ने टैंकर को सुरक्षा देने के लिए
- एक पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक जहाज़
- अटलांटिक में तैनात किए थे
हालाँकि रूस की ओर से आधिकारिक बयान सीमित है, लेकिन इस घटनाक्रम को अमेरिका-रूस तनाव के नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कैरिबियन में दूसरी जब्ती
अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नॉर्थ अटलांटिक की कार्रवाई के बाद
कैरिबियन सागर में भी एक और टैंकर को जब्त किया गया,
जिससे साफ़ है कि अमेरिका “घोस्ट फ्लीट” के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहा है।
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भू-राजनीतिक असर
विश्लेषकों का मानना है कि US Russian oil tanker seizure के ये मामले
- वैश्विक तेल आपूर्ति
- समुद्री व्यापार
- और अंतरराष्ट्रीय कानून
तीनों पर असर डाल सकते हैं। खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका, रूस, ईरान और वेनेज़ुएला के बीच रिश्ते पहले से तनावपूर्ण हैं।




