📍 बैंकॉक/नोम पेन | 25 जुलाई 2025
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच वर्षों पुराने सीमा विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। 24 जुलाई को दोनों देशों के बीच भीषण गोलीबारी और हवाई हमलों की खबरें सामने आईं, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है और 120,000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कंबोडिया की ओर से शुरू हुई तोपों और रॉकेटों की बौछार के जवाब में थाईलैंड ने पहली बार F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया।
🔥 क्या है ताजा विवाद?
यह हालिया झड़पें थाईलैंड के सुरिन, सिसाकेत और उबोन रचथानी जिलों के पास हुईं, जो कंबोडिया की सीमा से सटे हैं। कंबोडियाई सेना ने आरोप लगाया कि थाई सैनिकों ने उनकी सीमा में घुसपैठ की, जबकि थाई सरकार का दावा है कि यह उसकी ही ज़मीन है और कंबोडिया उकसावे की कार्रवाई कर रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हमलों में 14 थाई नागरिक और 2 सैनिकों की जान गई है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। कई गांवों को खाली कराया गया है और नागरिकों को राहत शिविरों में भेजा गया है।
🏚️ जनता पर असर: हजारों लोग पलायन को मजबूर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा के आस-पास रहने वाले करीब 1.2 लाख लोग अपने घर छोड़ चुके हैं। स्कूल बंद कर दिए गए हैं, बाजार सूने हैं और जीवन पूरी तरह ठप हो चुका है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया:
“हमने ऐसी गोलियों और धमाकों की आवाजें पहले कभी नहीं सुनीं। बच्चे डर के मारे चिल्ला रहे थे। हमें रातों-रात गांव खाली करना पड़ा।”
📜 विवाद का इतिहास क्या है?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह विवाद नया नहीं है। दोनों देशों के बीच Preah Vihear मंदिर के आस-पास की जमीन को लेकर सालों से विवाद चला आ रहा है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना था, लेकिन आसपास की जमीन पर स्थिति साफ नहीं हो सकी।
2008 से 2011 के बीच भी दोनों देशों के बीच कई बार संघर्ष हो चुका है, लेकिन 2025 की यह घटना पहले से कहीं ज्यादा गंभीर और सैन्य रूप से उग्र मानी जा रही है।
🧭 राजनीति की भी भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि थाईलैंड में हाल ही में प्रधानमंत्री के एक ऑडियो लीक से उपजे राजनीतिक संकट के चलते सरकार पर दबाव बढ़ा है, और वह कड़ा रुख दिखा रही है। वहीं, कंबोडिया की सरकार भी सीमा पर सेना तैनात कर रही है और कड़ा बयान दे चुकी है।
🌐 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कंबोडिया ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में उठाने की मांग की है। वहीं, ASEAN देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
अमेरिका, चीन, और यूरोपीय संघ ने भी इस संघर्ष पर चिंता जाहिर की है और जल्द से जल्द कूटनीतिक समाधान की सलाह दी है।
🕊️ आगे क्या?
फिलहाल दोनों देशों के बीच सीमा चेकपॉइंट्स बंद कर दिए गए हैं और राजनयिक बातचीत ठप पड़ी है। थाईलैंड की ओर से कहा गया है कि यदि हमला जारी रहा तो वह और कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात को लेकर चिंतित है कि यह संघर्ष कहीं एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए।




