निवेशकों को क्यों लगा बड़ा झटका
भारतीय शेयर बाजार में जब भी टाटा ग्रुप की किसी कंपनी का नाम आता है, निवेशकों की उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। लेकिन Tejas Networks के ताजा नतीजों ने बाजार को निराश कर दिया है।
दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 9% तक की तेज गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि कंपनी की लगातार चौथी घाटे वाली तिमाही का नतीजा मानी जा रही है।
इस खबर के बाद बाजार में यह सवाल उठने लगा है कि क्या Tejas Networks की मुश्किलें अभी खत्म होंगी या निवेशकों को और इंतजार करना पड़ेगा।
Tejas Networks का लेटेस्ट अपडेट – एक नजर में
Tejas Networks ने Q3 के नतीजे जारी करते हुए जो आंकड़े बताए, वे उम्मीद से कमजोर रहे।
मुख्य आंकड़े (Key Highlights)
- Q3 में कुल घाटा: ₹196 करोड़ (लगभग)
- रेवेन्यू में गिरावट: करीब 88% सालाना आधार पर
- शेयर में गिरावट: करीब 9%
- स्टॉक पहुंचा: 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब
इन आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
Q3 रिजल्ट: आंकड़ों के पीछे की पूरी कहानी
Tejas Networks का दिसंबर तिमाही प्रदर्शन कई मोर्चों पर कमजोर रहा। कंपनी न सिर्फ मुनाफा कमाने में असफल रही, बल्कि रेवेन्यू के मोर्चे पर भी बड़ा झटका लगा।
Q3 में घाटा क्यों बढ़ा?
कंपनी को इस तिमाही में ₹196 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी मुनाफे में थी, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल गए।
मैनेजमेंट के मुताबिक, कुछ बड़े ऑर्डर्स की डिलीवरी में देरी और प्रोजेक्ट्स से समय पर रेवेन्यू न मिल पाने के कारण घाटा बढ़ा।
घाटे की मुख्य वजहें
- बड़े सरकारी ऑर्डर्स का समय पर निष्पादन न होना
- BSNL से जुड़े प्रोजेक्ट्स में देरी
- हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट
- इन्वेंट्री और कैश फ्लो पर दबाव
रेवेन्यू 88% क्यों गिरा?
Q3 में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में करीब 88% तक गिर गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी।
रेवेन्यू गिरने की वजह
Tejas Networks का बिजनेस मॉडल बड़े टेलीकॉम और सरकारी ऑर्डर्स पर निर्भर है। जब इन ऑर्डर्स की डिलीवरी या पेमेंट में देरी होती है, तो सीधे रेवेन्यू पर असर पड़ता है।
रेवेन्यू में गिरावट के कारण
- BSNL 4G/5G प्रोजेक्ट्स में स्लोडाउन
- इंटरनेशनल ऑर्डर्स से सीमित योगदान
- पुराने ऑर्डर्स का रेवेन्यू इस तिमाही में बुक न होना
शेयर में 9% की गिरावट: बाजार की प्रतिक्रिया
जैसे ही Q3 के नतीजे सामने आए, शेयर बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। Tejas Networks के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
शेयर गिरने का पूरा घटनाक्रम
- रिजल्ट के बाद शुरुआती कारोबार में भारी दबाव
- कुछ ही घंटों में शेयर करीब 9% टूटे
- स्टॉक 52-सप्ताह के निचले स्तर के आसपास पहुंचा
- वॉल्यूम में अचानक तेजी (Sell Pressure)
यह साफ संकेत है कि फिलहाल निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
लगातार चौथी तिमाही में नुकसान – क्यों अहम है यह बात
Tejas Networks के लिए यह चिंता की बात इसलिए भी है क्योंकि यह कंपनी की लगातार चौथी घाटे वाली तिमाही है।
पिछली तिमाहियों का ट्रेंड
- Q1: घाटा
- Q2: घाटा
- Q3: घाटा
- Q4 (पहले): घाटा
लगातार घाटा किसी भी कंपनी के लिए अलार्म सिग्नल माना जाता है, खासकर तब जब कंपनी ग्रोथ फेज में होने का दावा कर रही हो।
कंपनी क्या कह रही है? (Management Commentary)
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि मौजूदा घाटा टेम्पररी (अस्थायी) है और आने वाले क्वार्टर्स में स्थिति सुधर सकती है।
मैनेजमेंट के दावे
- BSNL और अन्य सरकारी प्रोजेक्ट्स से रेवेन्यू आने की उम्मीद
- 5G और एडवांस नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स पर फोकस
- इंटरनेशनल मार्केट्स में विस्तार की योजना
हालांकि, बाजार तब तक भरोसा नहीं करता जब तक आंकड़ों में सुधार न दिखे।
Tejas Networks का बिजनेस मॉडल समझिए
Tejas Networks भारत की प्रमुख टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है।

कंपनी क्या काम करती है?
- ऑप्टिकल नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स
- वायरलेस एक्सेस सॉल्यूशंस
- 4G / 5G नेटवर्क इक्विपमेंट
- सरकारी और प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के लिए सॉल्यूशंस
टाटा ग्रुप का सपोर्ट कंपनी के लिए बड़ा प्लस पॉइंट माना जाता है।
लॉन्ग टर्म में क्या उम्मीद की जा सकती है?
हालांकि शॉर्ट टर्म में शेयर दबाव में है, लेकिन कुछ फैक्टर्स लॉन्ग टर्म निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं।
पॉजिटिव फैक्टर्स
- टाटा ग्रुप की मजबूत बैकिंग
- 5G नेटवर्क का लंबा अवसर
- सरकारी टेलीकॉम प्रोजेक्ट्स
- PLI स्कीम से फायदा
नेगेटिव फैक्टर्स
- लगातार घाटा
- रेवेन्यू में अनिश्चितता
- प्रोजेक्ट डिले
- हाई वोलैटिलिटी
निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें, क्या न करें
अगर आप Tejas Networks के निवेशक हैं या निवेश की सोच रहे हैं, तो सतर्क रहना जरूरी है।
निवेश से पहले ध्यान दें
- शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में जोखिम ज्यादा
- लॉन्ग टर्म निवेश से पहले रिजल्ट सुधार का इंतजार
- एकमुश्त निवेश से बचें
- चरणबद्ध निवेश (SIP जैसा अप्रोच) बेहतर
डर या मौका?
Tejas Networks Share News फिलहाल निगेटिव सेंटिमेंट के साथ जुड़ी हुई है। Q3 में भारी घाटा और रेवेन्यू में तेज गिरावट ने शेयर को दबाव में डाल दिया है।
हालांकि, टाटा ग्रुप की कंपनी होने और 5G जैसे बड़े अवसरों के कारण यह पूरी तरह खारिज करने वाला स्टॉक भी नहीं है।
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शॉर्ट टर्म में जोखिम ज्यादा है, लेकिन लॉन्ग टर्म में रिकवरी की संभावना तभी बनेगी जब कंपनी आंकड़ों में सुधार दिखाएगी।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Tejas Networks के शेयर क्यों गिरे?
Q3 में भारी घाटा और रेवेन्यू में 88% गिरावट के कारण निवेशकों ने बिकवाली की।
Q2. क्या Tejas Networks टाटा ग्रुप की कंपनी है?
हां, Tejas Networks टाटा ग्रुप की प्रमुख टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनी है।
Q3. क्या अभी इस शेयर में निवेश करना सही है?
शॉर्ट टर्म में जोखिम ज्यादा है। लॉन्ग टर्म निवेश से पहले कंपनी के प्रदर्शन में सुधार देखना बेहतर होगा।





