Share Market Big Recovery: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है, लेकिन कुछ कारोबारी दिन ऐसे होते हैं जो निवेशकों के मन में लंबे समय तक याद रह जाते हैं। आज का दिन भी कुछ ऐसा ही रहा। सुबह के सत्र में बाजार दबाव में दिखा, निवेशकों में डर साफ नजर आया, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, तस्वीर पूरी तरह बदल गई।सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से करीब 700 अंकों की जोरदार रिकवरी की, वहीं निफ्टी ने भी मजबूत वापसी दर्ज की। यह तेजी अचानक नहीं आई, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस कारण थे।
संक्षेप में आज का दिन
- सुबह बाजार कमजोर
- दोपहर बाद अचानक खरीदारी
- सेंसेक्स 700 अंक उछला
- निफ्टी अहम स्तर के ऊपर
शुरुआती कारोबार में बाजार कमजोर क्यों था
कारोबार की शुरुआत में बाजार पर दबाव साफ नजर आया। निवेशक हालिया उतार-चढ़ाव और ग्लोबल संकेतों को लेकर सतर्क थे। कई दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में चले गए।
शुरुआती गिरावट की मुख्य वजहें
- ग्लोबल मार्केट को लेकर अनिश्चितता
- पिछले सत्रों की मुनाफावसूली
- शॉर्ट टर्म निवेशकों की सतर्कता
- कुछ सेक्टर्स में कमजोरी
इस चरण में ऐसा लग रहा था कि बाजार की गिरावट और गहरी हो सकती है।
दोपहर बाद बाजार का मूड कैसे बदला
दोपहर के सत्र में बाजार में अचानक रुख बदलता दिखा। जहां सुबह बिकवाली हावी थी, वहीं दोपहर बाद निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखना शुरू किया। बड़े संस्थागत निवेशकों की एंट्री से बाजार को मजबूती मिली।
दोपहर बाद दिखे पॉजिटिव संकेत
- लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी
- बैंकिंग शेयरों में तेजी
- इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग
- बाजार की चौड़ाई मजबूत
धीरे-धीरे सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने नुकसान की भरपाई कर ली।

सेंसेक्स और निफ्टी की 700 अंकों की रिकवरी
सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से लगभग 700 अंकों की छलांग लगाई। निफ्टी भी 25,500 के नीचे से मजबूती के साथ ऊपर आया। यह रिकवरी सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली।
इंडेक्स लेवल पर क्या हुआ
- सेंसेक्स: तेज इंट्राडे रिकवरी
- निफ्टी: अहम सपोर्ट के ऊपर क्लोज
- ज्यादा शेयर हरे निशान में
- बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव
तेजी की सबसे बड़ी वजहें (Reasons Behind Market Rise)
1. ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेत
भारतीय शेयर बाजार पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों का गहरा असर पड़ता है। आज की तेजी में ग्लोबल फैक्टर्स ने अहम भूमिका निभाई।
ग्लोबल सपोर्ट फैक्टर्स
- एशियाई बाजारों में स्थिरता
- अमेरिकी बाजारों से पॉजिटिव संकेत
- डॉलर इंडेक्स में नरमी
- कच्चे तेल की कीमतों में संतुलन
इन सभी संकेतों ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में भरोसा बढ़ाया।
2. बैंकिंग और लार्ज-कैप शेयरों में मजबूत खरीदारी

दोपहर बाद बाजार की अगुवाई बैंकिंग और बड़े शेयरों ने की। बैंकिंग सेक्टर में आई तेजी ने पूरे बाजार को सहारा दिया।
खरीदारी के मुख्य क्षेत्र
- प्राइवेट बैंक शेयर
- सरकारी बैंक
- आईटी सेक्टर में रिकवरी
- मेटल और इंफ्रा शेयर
जब लार्ज-कैप शेयर चलते हैं, तो पूरे बाजार में मजबूती आती है, और आज वही देखने को मिला।
सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस
आज की तेजी लगभग सभी सेक्टर्स में देखने को मिली, हालांकि कुछ सेक्टर्स ज्यादा मजबूत रहे।
सेक्टर अपडेट
- बैंकिंग: सबसे ज्यादा मजबूती
- आईटी: गिरावट के बाद रिकवरी
- मेटल: ग्लोबल सपोर्ट से फायदा
- ऑटो: सीमित लेकिन स्थिर बढ़त
- रियल्टी: चुनिंदा शेयरों में खरीदारी
निवेशकों की धारणा में बदलाव
सुबह जहां डर और अनिश्चितता थी, वहीं दोपहर बाद निवेशकों का आत्मविश्वास लौटता दिखा। लॉन्ग टर्म निवेशकों ने गिरावट को अवसर के रूप में देखा।
सेंटिमेंट में बदलाव के संकेत
- रिटेल निवेशकों की वापसी
- लॉन्ग टर्म सोच मजबूत
- घबराहट में कमी
- खरीदारी का दबाव बढ़ा
आगे बाजार का रुख क्या रह सकता है
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन जब तक ग्लोबल और घरेलू संकेत सकारात्मक हैं, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका कम है।
मार्केट आउटलुक
- शॉर्ट टर्म: वोलैटिलिटी संभव
- मीडियम टर्म: स्थिरता की उम्मीद
- लॉन्ग टर्म: स्ट्रक्चर मजबूत
निवेशकों के लिए सही रणनीति
इस तरह के बाजार में सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है।
निवेश से जुड़ी सलाह
- एकमुश्त निवेश से बचें
- SIP या चरणबद्ध निवेश अपनाएं
- मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर चुनें
- अफवाहों से दूर रहें





