Russia Ukraine War: पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले का दावा
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास को ड्रोन हमले के जरिए निशाना बनाया।
यह दावा सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खबर को गंभीरता से देखा जा रहा है, हालांकि अब तक इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
रूस के विदेश मंत्री का बयान
रूस के विदेश मंत्री के अनुसार, शनिवार रात लगभग 91 किलोमीटर रेंज वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर पुतिन के सरकारी आवास Novo-Ogaryovo को लक्ष्य बनाया गया। लावरोव ने इसे रूस की सुरक्षा के खिलाफ सीधा उकसावे वाला कदम बताया है।
रूसी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया।

क्या पुतिन को कोई नुकसान हुआ?
रूस की ओर से साफ किया गया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस कथित ड्रोन हमले में न तो किसी के घायल होने की जानकारी दी गई है और न ही किसी बड़े नुकसान की पुष्टि की गई है।
अब तक किसी भी आधिकारिक रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि ड्रोन वास्तव में आवास तक पहुंचा था।
Novo-Ogaryovo क्यों अहम है?
Novo-Ogaryovo, मॉस्को के पास स्थित रूसी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास है। यह क्षेत्र अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत आता है और इसे रूस के सबसे सुरक्षित इलाकों में गिना जाता है।
इसी वजह से इस तरह के दावे को रणनीतिक और राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
यूक्रेन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?
इस मामले में यूक्रेन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यूक्रेन ने न तो इस हमले की पुष्टि की है और न ही इसे स्वीकार किया है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में भी इस घटना को रूस का दावा बताया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की स्थिति
वैश्विक समाचार एजेंसियां इस खबर को सावधानी के साथ कवर कर रही हैं। अधिकतर रिपोर्ट्स में “Russia claims” या “According to Russian officials” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसका मतलब है कि इस कथित ड्रोन हमले को फिलहाल पुष्ट घटना नहीं माना गया है।
ड्रोन हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमले लगातार बढ़े हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं।
हालांकि, कई मामलों में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाती, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है।




