
jammu Kashmir kishtwar cloudburst update:
किश्तवाड़, जम्मू-कश्मीर | 15 अगस्त 2025 | जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चुशोटी (Chesoti) गांव में 14 अगस्त को दोपहर लगभग 11:30 बजे बादल फटने (Cloudburst) की भीषण घटना हुई। इस आपदा ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। 100 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे का समय और स्थान
यह घटना किश्तवाड़ के चुशोटी गांव में हुई, जो मचैल माता यात्रा का अंतिम मोटर योग्य पड़ाव है। उस समय बड़ी संख्या में यात्री और श्रद्धालु लंगर स्थल पर भोजन कर रहे थे। अचानक आसमान से मूसलाधार बारिश के साथ मलबे और पानी का तेज़ बहाव आया, जिसने देखते ही देखते लंगर, टेंट, दुकानें और आसपास के घरों को बहा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों-देखी
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोगों ने बताया कि “सिर्फ दो मिनट में पूरा इलाका पानी और मलबे से भर गया, जैसे कोई विस्फोट हुआ हो”। कई लोग मलबे और तेज धारा में बह गए, जबकि कुछ ने पेड़ों और चट्टानों का सहारा लेकर अपनी जान बचाई।
मौत और लापता लोगों का आंकड़ा
मृतक: प्रारंभिक रिपोर्ट में 45 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य के दौरान यह संख्या बढ़कर 60 से अधिक हो गई।
घायल: 100 से अधिक लोग घायल, जिनमें कई को जम्मू और श्रीनगर के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
लापता: 200–250 के बीच लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
बचाव और राहत अभियान
इस घटना के बाद NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स), SDRF, सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, पुलिस, CISF, CRPF और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे लोगों को ढूंढा जा रहा है।
स्थानीय NGO अबाबील और कई सामाजिक संगठनों ने राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सहायता पहुंचाना शुरू कर दिया है।
सरकारी प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर, मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक संवेदना व्यक्त की और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। स्वतंत्रता दिवस के कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।




