
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से अपना सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया, जो 103 मिनट तक चला। इस भाषण में उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। यहां हम उनकी पांच प्रमुख घोषणाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
1. ₹1 लाख करोड़ की PM Viksit Bharat Rozgar Yojana
प्रधानमंत्री मोदी ने ₹1 लाख करोड़ की रोजगार योजना की शुरुआत की, जिसके तहत निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 की सहायता दी जाएगी। इस योजना से लगभग 3 करोड़ युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो उन्हें आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर करेगा।
2. GST सुधारों का ऐलान – दिवाली तक 99% वस्तुओं पर टैक्स में कमी
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि दिवाली तक जीएसटी में बड़े सुधार किए जाएंगे, जिसमें 12% टैक्स स्लैब में आने वाली 99% वस्तुओं को 5% स्लैब में लाया जाएगा। इससे दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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3. ‘सुदर्शन चक्र’ मिशन – भारत की नई वायु रक्षा प्रणाली
प्रधानमंत्री ने ‘सुदर्शन चक्र’ मिशन की घोषणा की, जिसके तहत भारत एक उन्नत एयर डिफेंस शील्ड विकसित करेगा, जो लंबी दूरी तक आने वाली मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट करने में सक्षम होगी। यह प्रणाली इजरायल के ‘आयरन डोम’ और अमेरिका के ‘गोल्डन डोम’ जैसी वैश्विक मिसाइल रक्षा तकनीकों की तर्ज पर तैयार की जाएगी।
4. ‘स्मार्ट’ भारत के लिए ‘Next-Generation Reforms’ की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने अगले 25 वर्षों में भारत को $10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक समर्पित Reform Task Force की स्थापना की घोषणा की। इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना, लालफीताशाही को कम करना और शासन प्रणाली को आधुनिक बनाना है।
5. ‘न्यायपूर्ण’ जल नीति – पाकिस्तान से Indus Waters Treaty पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के साथ Indus Waters Treaty को “न्यायपूर्ण और एकतरफा” बताते हुए इसे समाप्त करने की बात की। उन्होंने कहा कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते”, और भारत अब पाकिस्तान से “न्यूक्लियर ब्लैकमेल” को बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐतिहासिक भाषण ने भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन घोषणाओं से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जल नीति में भी सुधार होगा।




