बिहार वोटर लिस्ट 2025 अपडेट: हटेंगे 52 लाख नाम, जानें पूरी वजह और प्रक्रिया

By: Vijay

On: Wednesday, July 23, 2025 10:02 PM

23 जुलाई 2025 | पटना

बिहार वोटर लिस्ट 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य में 52 लाख से ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है

बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission of India) द्वारा पहली बार 2003 के बाद Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है, जिसके तहत बिहार की वोटर लिस्ट का गहन परीक्षण हो रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक की गई जांच से यह सामने आया है कि लगभग 52 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं।

क्या है SIR और क्यों हो रही है वोटर लिस्ट की जांच?

Special Intensive Revision (SIR) एक विशेष मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की संपूर्ण शुद्धता जांची जाती है।

यह प्रक्रिया बिहार में 1 जुलाई 2025 से शुरू की गई और 7.89 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 97.3% लोगों ने अपनी जानकारी अपडेट की है।

चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक प्राप्त डाटा से यह निष्कर्ष निकला है कि:

श्रेणी संख्या

मृत पंजीकृत मतदाता 18.6 लाख

स्थायी रूप से स्थानांतरित 26 लाख

डुप्लीकेट नाम 7.5 लाख

पता नहीं चला 11,484

कुल हटने वाले नाम (संभावित) 52.3 लाख

यह प्रक्रिया अब ड्राफ्ट सूची के माध्यम से सार्वजनिक की जा रही है और 1 अगस्त 2025 को पूरी सूची जारी की जाएगी।

दस्तावेज़ और प्रमाण क्या जरूरी हैं?

इस SIR प्रक्रिया के दौरान आयोग ने नए मतदाताओं के लिए नागरिकता और जन्म प्रमाण अनिवार्य कर दिया है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह नियम थोड़ा लचीला बना है।

मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं:

  • आधार कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र (EPIC)
  • पासपोर्ट
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • सरकारी स्कूल का प्रमाण पत्र (जहां जन्मतिथि दर्ज हो)

गैर-मान्य दस्तावेज: राशन कार्ड, बिजली बिल, मोबाइल बिल आदि को पहचान का प्रमाण नहीं माना जाएगा।

विपक्ष का आरोप: ‘वोटर सफाई या वोटबंदी?’

राज्य की विपक्षी पार्टियों ने इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाया है।

राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

“यह सिर्फ वोटर लिस्ट की सफाई नहीं, बल्कि ‘वोटबंदी’ का नया रूप है। गरीब, अल्पसंख्यक और दलित वोटरों को टारगेट किया जा रहा है।”

कांग्रेस और वाम दलों ने भी इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

इस विवाद के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां 10 जुलाई 2025 को सुनवाई हुई।

कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि:

  • इस प्रक्रिया में कितनी पारदर्शिता है?
  • क्या सभी नागरिकों को सुनवाई का मौका मिलेगा?
  • क्या वैध भारतीयों के नाम गलती से हटाए जा रहे हैं?

अदालत ने फिलहाल ड्राफ्ट लिस्ट जारी करने की इजाजत दी है, लेकिन अंतिम सूची के पहले नागरिकों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका देना अनिवार्य किया गया है।

आम नागरिक क्या करें?

बिहार के नागरिक अपने नाम की स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं। इसके लिए आप नीचे दिए गए तरीकों का उपयोग करें:

  1. NVSP पोर्टल: www.nvsp.in
  2. CEO Bihar वेबसाइट: www.ceobihar.nic.in
  3. Voter Helpline App (Google Play Store पर उपलब्ध)
  4. अपने BLO (Booth Level Officer) से संपर्क करें

यदि आपका नाम सूची में नहीं है, तो आप Form 6 भरकर पुन: आवेदन कर सकते हैं या Form 8 से जानकारी में सुधार कर सकते हैं।

जरूरी तारीखें

प्रक्रिया तिथि

SIR प्रारंभ (क्वालिफाइंग डेट) 1 जुलाई 2025

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी 1 अगस्त 2025

आपत्ति/सुधार का समय 1 से 30 अगस्त 2025

अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशन सितम्बर 2025 (अपेक्षित)

Vijay

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